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Thursday, 7 July 2016

गोवा सम्मेलन में राजपुरोहित शिक्षा न्याय के संरक्षक मंडल का गंठन

राजपुरोहित समाज की ओर से प्रतिभावान विद्यार्थियों और खासकर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए गोवा में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन रविवार को संपन्न हो गया। सम्मेलन में श्री राजपुरोहित शिक्षा न्यास के संरक्षक मंडल के साथ एडहॉक कमेटी का गठन किया गया,जो राजपुरोहित समाज में शिक्षा को बढ़ावा देने प्रतिभावान विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए काम करेगी। श्री राजपुरोहित समाज शिक्षा न्यास के मीडिया प्रभारी राजकमलसिंह रास ने बताया कि 2 3 जुलाई को गोवा में आयोजित सम्मेलन में वर्तमान और भविष्य समाज में नारी शिक्षा की आवश्यकता एवं दिशा,शिक्षा के क्षेत्र मे प्रगति के लिए काम करने,शिक्षा के कार्य के लिए आर्थिक संसाधनों का समायोजन तथा शिक्षा में संस्कारों का प्रधानीय आदि विषयों पर चिंतन हुआ। इस सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों का वैचारिक मंथन भी हुआ। सम्मेलन में प्रधान रूप से सकारात्मक सुझावों पर चर्चा के बाद इन सुझावों को क्रियान्वित करने के लिए श्री राजपुरोहित शिक्षा न्यास का गठन किया गया। यह न्यास राजपुरोहित समाज में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करेगा तथा समाज के उन मेधावी विद्यार्थियों को आर्थिक अन्य सहायता उपलब्ध कराएगा जो आर्थिक रूप से कमजोर है। प्रस्तावित न्यास का मुख्यालय भाग्य नगर,हैदराबाद रहेगा तथा इसका कार्यक्षेत्र राजस्थान प्रदेश के साथ देशभर के वे इलाके भी रहेंगे,जहां राजपुरोहित समाज का बाहुल्य है। राजस्थान में न्यास के जिलास्तरीय संयोजक नियुक्त किए जाएंगे तथा राजस्थान के बाहर राज्यस्तरीय संयोजकों की नियुक्ति की जाएगी। सम्मेलन में सर्वसम्मति से न्यास का एक संरक्षक मंडल गठित किया गया। गजेंद्रसिंह बरना को न्यास का राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया। संरक्षक मंडल में वरिष्ठ आईपीएस डॉ.दलपतसिंह दिनकर टुंकलिया,आईपीएस सुरेशसिंह मादा,मेजर जनरल नरपतसिंह पूनायता,डाक्टर भंवरलाल बोरावड़,ब्रिगेडियर जीवनसिंह गुड़ानाल,उद्योगपति घनश्यामसिंह बसंत,समाजसेवी देवीसिंह इन्दरवाड़ा,डाक्टर करणसिंह रास,गौसेवक नाथुसिंह थांवला,तथा भामाशाह समाजसेवी नरपतसिंह टुंकलिया को शामिल किया गया। न्यास के पंजीकरण के लिए एक एडहॉक कमेटी का गठन किया गया है। इसमें सदस्य के रूप में गजेन्द्रसिंह बरना,मनोज कुमार निमाज,तेजसिंह दोरनड़ी ढाणी,उत्तमकुमार चंडावल,अर्जुनसिंह बिलाड़ा,नारायणसिंह घेनड़ी,राजकमल सिंह रास,प्रतापसिंह थोब को शामिल किया गया है। अंत में सर्वसम्मति से राजपुरोहित शिक्षा न्यास की ओर से समाज के उन मेधावी विद्यार्थियों से आवेदन-पत्र आमंत्रित करने का निर्णय लिया गया है,जिनका लक्ष्य सिविल सर्विसेज एवं अन्य तरह के टारगेट कोर्स की कोचिंग का हो सके।

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