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Friday, 13 May 2016

राजपुरोहित समाज सिवाना क्षेत्र के गाँवो का सहराना कार्य कि पहल

नसमुक्त समाज की  पहल से समाज कुछ रूढ़िवादी परम्परा बदलेने को कुछ संकेत राजपुरोहित समाज युवाओं बंधुओं मे खुशी का माहौल गाँवो नशा के प्रति धिरे धिरे मोह भंग हो रहा समाज कि कुछ सामाजिक नशा प्रति कुरतीयो मे बदलाव जो समाज का समय साथ प्रकृति बदलाव साथ एक महत्वपूर्ण सहराना कदम है जिसमें गाँवो मे नशा से युवा बंधु दुर रहना बेहतर समझते है इन गाँवो मे सभी समाज युवा एव बुरजगो कि सहमति के फरमान से गाँव ईटवाया पादरू पऊ अन्य गाँवो बङे उत्साह पूर्ण कार्य नशा मुक्त समाज होने का निर्णय लिया गया विवाह शादी विशेष कार्यक्रम बैठक जैसे कार्यो पर नशा बंद करने का फैसला किया जिसका असर अभी सामाजिक कार्यो मे दिखने लगा है भले समाज नशे कि जङे बहुत ही मजबूत है लेकिन शिक्षित युवाओ के समय मे युवा इस सहरानीय कदम के इंतजार कर रहे थे तभी समाज ठोस कदम से समाज के लीए एक युवाओ बुरजग समाज के  अच्छा कार्य विशेष गौरवशाली पहल नजर आ रही है जिसमें समाज फिजुल खर्च कि बचत होगी आगे नशा बढने से अंकुश लगेगा आने वाली युवा पीढ़ी पर बहुत ही अच्छा असर पङेगा  तथा नशा से ही मानव प्रकृति का विनाश है जिसको बचने के नशा मुक्त समाज होना बहुत ही जरूरी है अगर नशा मुक्त समाज नही हुआ तो आने वाले समय भारी समाज  विनाश कि दुर्दशा तरफ जाएगा ।

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