रामसीन। साहुकार पेट के रामदेव भवन में राजपुरोहित नवयुवक मंडल सिरोही चेन्नई के तत्वाधान में राजपुरोहित प्रतिभावान विधार्थी सम्मान समारोेह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी जालोर दिनेश्वर पुरोहित ने इस मौके पर कहा कि शिक्षा के साथ-साथ संस्कारवान होना भी बहुत ही जरूरी है। अभिभावक अपने बच्चों को संस्कारवान एवं चरित्रवान बनाने पर जोर दिया एव माता-पिता व संस्कति कभी भी बुढ़ी नही होती। अभिभावन व्यापार से ज्यादा अपने बच्चों को शिक्षा व संस्कार प्रदान करे। साथ ही उन्हें अवसर व साधन उपलब्ध कराएं।
बच्चों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए उन्हें कार्यक्षैत्र में आगे बढ़ाएं सहयोग करे। उन्होनें कहा कि हर बालक में एक विशेष प्रतिभा होती है, जरूरत है उसे तरासने की। बालक के साथ बालिकाओं को भी पढ़ाना जरूरी है। अगर बालिकाएं पढेगी तो दो-दो परिवार का उत्थान होगा। भारतीय विधार्थी परिषद के ड़ाॅ. जोगेन्द्रसिंह राजगुरू ने बताया कि समाज का युवा कर्णधार है। उन्हें महत्वपुर्ण जिम्मेदारियां सौपनी चाहिए। आज युवा नशे का शिकार बन रहा है, उसे रोकने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। व्यसन मुक्त समाज का निर्माण करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
प्रतिभा सम्मान समारोह में सर्वप्रथम मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया गया। राजपुरोहित बाल संस्कार शाला के विधार्थियों ने सरस्वती वंदना की। मंडल के अध्यक्ष हंसराज कैलाशनगर ने सभी का स्वागत करते हुए अतिथियों का परिचय दिया। मंडल की ओर से सभी अतिथियों का साफा, शाॅल, माला एवं स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया। कक्षा 6 से काॅलेज के सभी प्रतिभावान विधार्थियों का सम्मान हुआ। समारोह के सहयोगी बसंतकुमार, शंकरलाल जी राजगुरू कालन्द्री, सोहनलाल जी का भी सम्मान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सरंक्षक शंकरलाल जी मणोरा ने किया। इस मौके पर दिनेश एस. राजपुरोहित सोमता सहित बडी संख्या में राजपुरोहित समाज के गणमान्य व्यक्तियों के बीच करीब 190 प्रतिभावान विद्यार्थी विधार्थियों का सम्मान किया गया।
बच्चों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए उन्हें कार्यक्षैत्र में आगे बढ़ाएं सहयोग करे। उन्होनें कहा कि हर बालक में एक विशेष प्रतिभा होती है, जरूरत है उसे तरासने की। बालक के साथ बालिकाओं को भी पढ़ाना जरूरी है। अगर बालिकाएं पढेगी तो दो-दो परिवार का उत्थान होगा। भारतीय विधार्थी परिषद के ड़ाॅ. जोगेन्द्रसिंह राजगुरू ने बताया कि समाज का युवा कर्णधार है। उन्हें महत्वपुर्ण जिम्मेदारियां सौपनी चाहिए। आज युवा नशे का शिकार बन रहा है, उसे रोकने के लिए उनका उचित मार्गदर्शन करना चाहिए। व्यसन मुक्त समाज का निर्माण करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।
प्रतिभा सम्मान समारोह में सर्वप्रथम मुख्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित किया गया। राजपुरोहित बाल संस्कार शाला के विधार्थियों ने सरस्वती वंदना की। मंडल के अध्यक्ष हंसराज कैलाशनगर ने सभी का स्वागत करते हुए अतिथियों का परिचय दिया। मंडल की ओर से सभी अतिथियों का साफा, शाॅल, माला एवं स्मृति चिन्ह भेट कर सम्मानित किया गया। कक्षा 6 से काॅलेज के सभी प्रतिभावान विधार्थियों का सम्मान हुआ। समारोह के सहयोगी बसंतकुमार, शंकरलाल जी राजगुरू कालन्द्री, सोहनलाल जी का भी सम्मान किया गया। धन्यवाद ज्ञापन सरंक्षक शंकरलाल जी मणोरा ने किया। इस मौके पर दिनेश एस. राजपुरोहित सोमता सहित बडी संख्या में राजपुरोहित समाज के गणमान्य व्यक्तियों के बीच करीब 190 प्रतिभावान विद्यार्थी विधार्थियों का सम्मान किया गया।
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