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Monday, 7 January 2019

राजपुरोहित समाज कि मातृशक्ति महिला शक्तिकरण रूप मे बेटियों ने भरी हुंकार

सुरत गुजरात

सम्मेलन में राजपुरोहित समाज की सैकड़ों महिलाएं रही मौजूद

महानगर के परवत पाटिया क्षेत्र में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी हॉल राजपुरोहित समाज की मातृशक्ति की हुंकार से तब गूंज उठा, जब देशभर में पहली बार रविवार को यहां मातृशक्ति सशक्तिकरण व बालिका प्रोत्साहन सम्मेलन का आयोजन किया गया। समाज की मां-बेटियों से खचाखच भरे हॉल में चार घंटे तक चले सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने भी उनमें जोश भरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। श्रोता महिला, संचालक महिला व वक्ता भी महिला ऐसे सम्मेलन का आयोजन रविवार दोपहर श्री खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ व राजपुरोहित युवा फाउंडेशन की ओर से किया गया। सम्मेलन में बाहर से आमंत्रित समाज की बहन बेटीयो एव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी चंद्रकांता राजपुरोहित, टीवी न्यूज संवाददाता पिंकी राजपुरोहित, बैंकर निकिता राजपुरोहित समेत अन्य वक्ता ने मैं और मेरा समाज विषय पर कई पहलुओं को सबके सामने रखा। सम्मेलन में इन सभी ने बताया कि परिवार की सहमति से ही वे आज आप सबके सामने खड़ी है तो आप भी अपनी बहन-बेटियों को उनकी प्रतिभा को निखारने में कोई अवसर छोड़े नहीं एव अपने समाज एव संस्कृति मे समाज का परचम उंचा रख सकते है। इस सम्मेलन के दौरान समाज की महिलाओं व युवतियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति भी दी। सम्मेलन का संचालन किंजल राजपुरोहित व प्रिया राजपुरोहित ने किया। कार्यक्रम के अनूठे भाग में राजपुरोहित समाज के युवक व अन्य लोग पूरे समय हॉल के नीचे व गार्डन में लगी टीवी स्क्रीन के माध्यम से सम्मेलन में जारी गतिविधियों को देखते रहे और मातृशक्ति सशक्तिकरण व बालिका प्रोत्साहन सम्मेलन की सराहना करते रहे।

श्री खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ व राजपुरोहित युवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित मातृशक्ति सशक्तिकरण व बालिका प्रोत्साहन सम्मेलन की शुरुआत से पूर्व अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल कोच चंद्रकांता राजपुरोहित, टीवी न्यूज संवाददाता पिंकी राजपुरोहित व बैंकर निकिता राजपुरोहित ने राजपुरोहित पत्रिका न्यूज़ के साथ परवत पाटिया क्षेत्र में डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी हॉल में बातचीत भी की। इसमें समाज की तीनों बेटियों ने खुलकर अपनी बात रखी।

टीवी न्यूज संवाददाता पिंकी ने अपने अंदाज में बताया कि राजपुरोहित समाज भी अन्य समाज के समान आगे बढ़ रहा है और समाज की बहन-बेटियां कई नए मानक स्थापित कर रही है। जरूरत इस दिशा में और आगे बढऩे की है जो सूरत में आयोजित मातृशक्ति सशक्तिकरण व बालिका प्रोत्साहन सम्मेलन के माध्यम से शुरू हो चुका है। इस कार्यक्रम को वे देश के चैन्नई, बेंगलुरू, कोयम्बतूर समेत अन्य शहरों में बसे राजपुरोहित समाज के बीच लेकर जाएगी ताकि वहां भी बेटियों को अपनी सक्षमता साबित करने का मंच मिल सकें। इस लाइव प्रसारण शोसल साइट्स एव फेसबुक अकाउंट देश भर समाज घर बैठे मोजिक लोगो देखा ओर इस कार्यक्रम कि सराहना की गई

अंतरराष्ट्रीय वॉलीबाल कोच चंद्रकांता राजपुरोहित ने कहा कि जरूरत है आज बेटियों के आगे बढऩे की और वो बढ़ भी रही है। उनके परिजनों ने इस बात को समझा और उन्हें आगे पढऩे-बढऩे जोर दिया तभी वे आज सबके सामने मंच से अपनी बात रखने के लिए सक्षम बन सकी है। समाज में इस दौर को तेजी से बढ़ाने की आवश्यकता है और वे सम्मेलन में यहीं बात सबको खुलकर कहेगी। घर की दहलीज से आगे निकलकर बेटियां समाज व राष्ट्र के समक्ष अपने परिवार व समाज का गौरव बढ़ाने के काबिल बनेगी ओर नाम रोशन करेंगी

बैंकर निकिता राजपुरोहित ने कहा कि रुढि़वादी मानसिकता से इंटरनेट युग में लोग, परिवार, समाज काफी बाहर निकल रहे है और इसी का परिणाम है कि बेटियां अब बोझ नहीं बल्कि कर्तव्यशील समझी जाने लगी है। फिलहाल इस समझ से सबको वाकिफ होने में अभी और कई गुंजाइशें बाकी है और सूरत में श्री खेतेश्वर पैदल यात्रा संघ व राजपुरोहित युवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित मातृशक्ति सशक्तिकरण व बालिका प्रोत्साहन सम्मेलन जैसे आयोजन उसी दिशा में सकारात्मक तरीके से आगे बढऩे के संकेत तोर जोर दे रहा है।

भारतीय पेसेफिक बॉलीबाल टीम कप्तान व मलेशियाई खेलो में स्वर्ण पदक विजेता रही चन्द्रकांताजी राजपुरोहित हम जागीरदार ब्राह्मण है हमे आरक्षण की भीख की जरूरत नही खुद के दम पर जीते है यह बात एक गुजरात सुरत मे चल रहे महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम कही आज आरक्षण नाम देश मातृ भूमी भारत देश को खोखला कर रहे है। जो हर जगह आरक्षण नाम पर दंगे प्रसाद सदियों चले आ रहे है। ओर जातीवाद का समाज सभी वर्गो मे जहर गौल रहे है। एक आपकी काबलियत है जो उसी की देश को जरूरत है ना कि आरक्षण रूपी भीख कि। ओर वह आपकि प्रतिभा जो आरक्षण रूपी सांप को घुटनों बल रख सकतें है। जो देश की प्रतिभा को दिनों दिन नष्ट कर रहे है देश को जरूरत काबिलियत हुनर कि ना कि आरक्षण की ओर आरक्षण की आवश्यकता है तो आर्थिक आधार लागू करे ताकि हर तबके गरीब से गरीब को लाभ मील सके जो गरीबी किसी घर जात या समाज पुछ के नही आती यह भाव चन्द्र कान्ता जी राजपुरोहित के रहे।

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