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Monday, 26 November 2018

राजस्थान: कांग्रेस के टिकट से क्या राजपुरोहित की पर्यावरण को बचाने की लड़ाई सड़क से पहुंचेगी संसद तक

पाली

राजस्थान का पाली शहर राज्य के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक पाली शहर है। पाली शहर के उद्योगपतियों और फैक्ट्रियों के मालिकों ने अपने हितों के लिए न सिर्फ नदियों और जमीनों को बर्बाद किया है, बल्कि पाली के आस-पास के गांवों की उपजाऊ भूमी को भी बंजर कर दिया है। इसी फेक्ट्रीयो के पानी से कही गंभीर बीमारी रोकने कि मदद मीलेगी। इसी साल जून में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यून) ने तेजाब में बदल रही शहर की बांडी नदी में प्रदूषण रोकने में नाकाम रहे पाली जिले के कलेक्टर को तलब कर उनसे सवाल जवाब तलब किए थे। किसान पर्यावरण संघर्ष समिति ने एक याचिक दायर कर आरोप लगाया था कि शहर की टेक्सटाइल फैक्ट्रियां बांडी नदी के बर्बादी का मुख्य कारण बन रही है। बांडी नदी को मरने से बचाने और किसानो की आवाज उठाने के लिए ही 'किसान पर्यावरण संघर्ष समिति' (केपीएसएस) का गठन महावीर सिंहराजपुरोहित ने किया गया था। महावीर सिंह राजपुरोहित केपीएसएस के जनरल सेक्रेटरी हैं, जिन्हें इस बार कांग्रेस ने टिकट देकर अपनी लड़ाई को और ज्यादा मजबूत करने का मौका दिया है। शहर को मजबुत करने कि जिम्मेदारी दी इस बार इन्ही महावीर सिंह राजपुरोहित सकुलाई को दी है

ओर पुर्व मुख्यमंत्री अशोक जी गहलौत का एक जन सभा का एक विडियो भी वायरल हो रहा है वह बिलकुल फर्जी तरीके से विडियो के आवाज को छेङछाङ करके वायरल किया है ओर बिलकुल फर्जी साबित हुआ है

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