बालोतरा
क्षेत्र के कालूडी गांव में राजनीतिक द्वेष भावना के तहत गांव के लगभग 2 दर्जन से अधिक युवाओं पर योजना पूर्वक तरीके से बाहरी व राजनीतिक व्यक्तियों के उकसाने पर स्थानीय दलित लोगों ने एससी एसटी एक्ट कानून का दुरुपयोग के तहत पिछले दिनों फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया। ऐसा मामला पहला नही इससे पहले भी सिलसिलेवार राजपुरोहित समाज पर फर्जी मुकदमें दर्ज हो चुके है कही गाँव इस दुरुपयोग sc st हत्यार कि गिरफ्त मे इससे पहले घेनङी पाली दो दर्जन से अधिक एक ही गाँव मे मुकदमें वही दुसरा लुदराडा वही एक दर्जन से अधिक वही सरवङी परोहिताना वही इस बार कालुङी प्रकरण इसके विरोध में आज जोधपुर जालौर पाली सिरोही बाड़मेर जैसलमेर सहित अन्य आस पास जिलों से लगभग हजारों कि संख्या मे छतीस काॅम के लोगो का हुजूम बालोतरा sdm कार्यालय पहुंच कर राजस्थान मुख्यमंत्री एव देश प्रधानमंत्री नाम ज्ञापन दिया गया ।
खास बात यह रही इस विरोध में लगभग सभी जातियों व धर्मों के व्यक्ति मौजूद रहे। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वही ज्ञापन में मांग की है कि जिस तरह से योजना पूर्वक द्वेष भावना से प्रेरित होकर राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने का जो काम बाहरी लोग कालूडी में पहुंच कर गांव के समाज सेवी, विद्यार्थी, व्यापारी वर्ग के युवाओं पर झूठे एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दिए गए हैं। इससे गांव में सामाजिक सहोदर बिगड़ गया। वही राजपुरोहित समाज का सबसे शांतिप्रिय व सभ्य गांव कालूडी है। इस गांव में एससी एसटी एक्ट के तहत झूठे मुकदमें होने के बाद बदनामी का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इस गांव में क्षेत्र के बड़े-बड़े भामाशाह व समाजसेवी रहते हैं। गांव की अपनी मर्यादा सामाजिक समरसता व धार्मिक सहोदर बनाए रखने की सदा से परंपराएं चली आ रही है। लेकिन पिछले दिनों कुछ बाहरी असामाजिक तत्वों के लोगों ने स्थानीय दलित लोगों को बहकाया व उकसाया भड़काया वही बाहरी लोगों के बहकावे में आकर स्थानीय लोगों ने एससी एसटी एक्ट के तहत राजपुरोहित समाज के 2 दर्जन से अधिक युवाओं पर मुकदमें दर्ज कर दिए है। ऐसे में गांव के लोग सहित क्षेत्र के 36 कौम के लोग दुखी और निराश है ऐसे में आज शनिवार को 36 कोम के लोगों ने एससी एसटी एक्ट के तहत कानूनी दांव पर भी कालूडी गांव पर हुए झूठे मुकदमों के खिलाफ मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। वही मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। वह झूठे मुकदमे में फंसाए के युवाओं निपक्ष जांच कर को राहत दी जाए।
जानकारी के अनुसार एससी एसटी एक्ट की पनाह में क्षेत्र सहित पूरे भारत में हर महीने हजारों की संख्या में झूठे मुकदमे होते हैं। वही इससे बेरोजगार सरकारी नौकरी वाले व सीधे साधे लोग शिकार होते हैं। वही उन लोगों को ब्लैक मेलिंग का सामना करना पड़ता है। आजकल SC ST के एक्ट के झूठे मुकदमें होते हैं वह कुछ लोगों के लिए रोजगार का साधन तक बन गया है। इसलिए ऐसे लोगों को झूठा फंसा कर मोटी रकम ऐंठन का गोरख धंधा चल रहा है। इस एक्ट तहत के चलते प्रशासनिक को शांति, सुरक्षा व व्यवस्था बनाने में भारी बाधा पहुंचा रहा है। वही इससे सामाजिक सहोदर भी बिगड़ रहा है।
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