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Sunday, 16 August 2015

आज भाई बहनों के साथ समंदर हिलोरने कि परम्परा निभाई जाएगी


उपखंड सहित ग्रामीण अंचल में श्रावणी तीज का त्योहार शुक्रवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। श्रावणी तीज पर उपखंड सिवाना क्षेत्र के गाँव पादरू कि निकटवर्ती वावनगर  के तालाबों पर समंदर हिलोरने की परंपरा का निर्वहन आयोजन किया जाएगा।  तालाब पर एक साथ 35 राजपुरोहित समाज कि महिलाए सुहागिनों  ने  समंदर हिलोरने की परंपरा बहन-भाइयों की ओर से निभाई जाएगी है। इसमें सुहागिन महिलाएं दिनभर व्रत रखती है। व्रत रखने के बाद सुहागिनें अपने अपने घर से अपने भाई के साथ खाली मटका लेकर तालाब पर जाती है और वहां पर समंदर हिलोरने की परम्परा के अनुसार रस्म अदा की जाती है। श्रावण मास में अच्छी बारिश के बाद समंदर हिलोरने की परंपरा में भाई अपने घर से बहिन के लिए नए कपड़े व आटे की बनी थूली, सांकलिया व मातर बनाकर लाता है तथा बहिन को तालाब का पानी हथेली मे लेकर पिलाता है। इसके बाद बहिन को चुनरी ओढ़ाकर उसके ससुराल में सुख-समृद्धि, खुशहाली व दीर्घायु की कामना को लेकर व्रत को खुलवाता है।उनके बाद तालाब मे नारियल फेंकने कि परम्परा होती है जो तेरकर उपर पानी पर तैरता है या डुबता है तो सकुन के तोर पर देखा जाता है

राजपुरोहित पत्रिका न्युज शोसल मिडिया कवरेज
संवाददाता -छैलसिंह राजपुरोहित मथर पाऊँ

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